- वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित और प्रभावी योग पद्धति के रूप में उभर रहा है एक्वा योगा
कानपुर, 20 जून।
बढ़ती उम्र के साथ स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” अभियान के अंतर्गत जल योग (एक्वा योगा) को एक प्रभावी एवं सुरक्षित योग पद्धति के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री पदम इंटरनेशनल एक्वा योगा (जल योग) संस्थान, कानपुर के संस्थापक एवं निदेशक पंकज जैन (जलयोगी) ने कहा कि जल योग वृद्धावस्था में होने वाली शारीरिक एवं मानसिक चुनौतियों से निपटने का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आया है।
पानी के सहारे योग का अनूठा अभ्यास
पंकज जैन ने बताया कि जल योग योग की एक विशेष विधा है, जिसमें पानी के भीतर अथवा पानी के सहारे योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया जाता है। पानी शरीर के भार को कम कर देता है, जिससे जोड़ों, रीढ़ और मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव घट जाता है। यही कारण है कि वरिष्ठ नागरिकों, गठिया रोगियों तथा शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए यह पद्धति अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
घुटनों के दर्द से लेकर तनाव तक में लाभकारी
उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ घुटनों और कमर का दर्द, संतुलन की समस्या, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, तनाव एवं अनिद्रा जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। जल योग के नियमित अभ्यास से शरीर की लचक बढ़ती है, रक्त संचार बेहतर होता है तथा मांसपेशियों की शक्ति में वृद्धि होती है। इसके साथ ही मानसिक तनाव कम होकर मन में शांति, सकारात्मकता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
चोट की संभावना बेहद कम, आत्मविश्वास में वृद्धि
जल योग का सबसे बड़ा लाभ इसकी सुरक्षा है। पानी शरीर को प्राकृतिक सहारा प्रदान करता है, जिससे वरिष्ठ नागरिक बिना अधिक दबाव के योगाभ्यास कर सकते हैं। इस कारण चोट लगने की संभावना बहुत कम रहती है। यह अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है।
जन-जन तक पहुंचे स्वस्थ वृद्धावस्था का संदेश
पंकज जैन (जलयोगी) ने वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं योग प्रशिक्षकों से अपील की कि वे स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए जल योग को अपनाएं और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग, प्राणायाम एवं जल योग को दे, तो वृद्धावस्था भी स्वस्थ, ऊर्जावान और आनंदमय बन सकती है।
‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं और स्वस्थ, सक्रिय एवं सम्मानजनक वृद्ध जीवन के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।