केएसएस जोन-ए टेबल टेनिस: सर पदमपत सिंघानिया और डीपीएस आजाद नगर बने चैंपियन

 

 

  • दो दिवसीय प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, आशुतोष गुप्ता और कावी शाह ने एकल वर्ग में जीते खिताब
  • मुख्य अतिथि संजीव पाठक ने विजेताओं को किया सम्मानित, खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने बटोरीं तालियां

 

कानपुर, 21 जुलाई।

श्री सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय के.एस.एस. टेबल टेनिस (जोन-ए) प्रतियोगिता का सोमवार को रोमांचक फाइनल मुकाबलों के साथ समापन हो गया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन विभिन्न वर्गों में हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन के चेयरमैन संजीव पाठक रहे। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती शोभा दास, प्रधानाचार्या श्रीमती स्मिता त्रिवेदी, उप-प्रधानाचार्या श्रीमती पूजा मक्कड़, स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर श्रीमती चंद्रप्रभा सिंह, कानपुर टेबल टेनिस संघ के सचिव संजय टंडन तथा सह सचिव सुनील सिंह भी उपस्थित रहे।

बालक टीम में एसपीएसईसी का दबदबा

बालक टीम चैंपियनशिप के फाइनल में सर पदमपत सिंघानिया एजुकेशन सेंटर (SPSEC) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डीपीएस आजाद नगर को 3-0 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। जुगल देवी सरस्वती विद्या मंदिर और चिंटल्स स्कूल संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।

बालिका टीम में डीपीएस आजाद नगर ने मारी बाजी

बालिका टीम चैंपियनशिप के फाइनल में डीपीएस आजाद नगर ने सर पदमपत सिंघानिया एजुकेशन सेंटर को 3-1 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। चिंटल्स स्कूल और जीडी गोयनका स्कूल को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।

आशुतोष और कावी बने एकल वर्ग के विजेता

बालक एकल वर्ग के फाइनल में आशुतोष गुप्ता (SPSEC) ने विहान (चिंटल्स स्कूल) को लगातार तीन गेमों में 11-8, 11-9 और 12-10 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।

वहीं बालिका एकल वर्ग के रोमांचक मुकाबले में कावी शाह (SPSEC) ने अबाना लायल (डीपीएस आजाद नगर) को 11-8, 9-11, 12-10 और 14-12 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, कोचों और विद्यालयों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

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