खेल जगत के वरिष्ठ स्तंभ के. एन. तिवारी का निधन, 91 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

 

 

 

 

कानपुर, 25 अगस्त।

जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन, कानपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं खेल जगत के वरिष्ठ स्तंभ के. एन. तिवारी का 91 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से कानपुर के खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। खिलाड़ियों, खेल संगठनों के पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

करीब दो दशक से जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन से जुड़े रहे

श्री के. एन. तिवारी वर्ष 2006 से जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन, कानपुर में वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने लंबे समय तक एथलेटिक्स और अन्य खेलों के विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। खेलों के प्रति उनका समर्पण और संगठनात्मक योगदान उन्हें कानपुर के खेल जगत में एक अलग पहचान दिलाता था।

35 वर्ष तक मास्टर्स एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव रहे

श्री तिवारी उत्तर प्रदेश मास्टर्स एथलेटिक्स एसोसिएशन के करीब 35 वर्षों तक सचिव रहे। इसके अलावा उन्होंने नेशनल एसोसिएशन में लगभग 10 वर्षों तक उपाध्यक्ष के रूप में सेवाएं दीं। वे हैंडबॉल एसोसिएशन के सचिव तथा खो-खो एसोसिएशन के सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे।

शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में भी दिया महत्वपूर्ण योगदान

श्री के. एन. तिवारी VSSD कॉलेज, कानपुर में प्रभारी शारीरिक शिक्षा के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों को मार्गदर्शन दिया।

दो पुत्रों को छोड़ गए पीछे

श्री तिवारी अपने पीछे दो पुत्र संदीप तिवारी और हेमंत तिवारी को छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र संदीप तिवारी UPCA में वीडियो एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। वहीं कनिष्ठ पुत्र हेमंत तिवारी रेलवे में ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं और रेलवे ऑडिट (CAG) से संबद्ध हैं।

खेल जगत ने बताया अपूरणीय क्षति

जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन, कानपुर के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने श्री के. एन. तिवारी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना कानपुर के खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, सेवाभाव और खेलों के प्रति समर्पण को हमेशा स्मरण किया जाएगा।

शोकाकुल खेल जगत ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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