ऋषियों की योग परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहीं वान्या शर्मा

 

 

  • 18 विश्व रिकॉर्ड, 100 से अधिक सम्मान और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों से बनीं युवा योग जगत की प्रेरणा
  • योग, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की युवा ध्वजवाहक

कानपुर/नई दिल्ली, 19 जून।

भारत की सनातन परंपरा में योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सफल बनाने का दिव्य विज्ञान माना गया है। महर्षि पतंजलि और ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित इस गौरवशाली योग परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य युवा योग साधिका वान्या शर्मा कर रही हैं। कम आयु में ही अपनी असाधारण उपलब्धियों, अनुशासन और समर्पण के बल पर वान्या देश की सबसे प्रेरणादायक युवा योग प्रतिभाओं में शामिल हो चुकी हैं।

18 विश्व रिकॉर्ड के साथ विश्व मंच पर बनाई पहचान

वान्या शर्मा ने बेहद कम उम्र में 18 विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर इतिहास रचा है। योग, खेल, शिक्षा, सामाजिक सेवा और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान ने उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान दिलाई है। आज उन्हें ग्लोबल योग आइकन, इंटरनेशनल योग चैंपियन और भारतीय संस्कृति की युवा प्रतिनिधि के रूप में जाना जाता है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लहराया परचम

योग एवं खेल जगत में वान्या की उपलब्धियां अत्यंत प्रभावशाली रही हैं। उन्होंने एशिया पैसिफिक योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, वर्ल्ड योगा कप में रजत पदक सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल किए हैं। उन्हें यूवाईएसएफ वर्ल्ड योगा कप में प्रतिष्ठित “चैंपियन ऑफ चैंपियंस” की उपाधि भी प्राप्त हो चुकी है।

दिव्यांग बच्चों के लिए बनीं प्रेरणा

अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ वान्या सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर उन्हें स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया है। कम उम्र में दिव्यांग बच्चों को योग प्रशिक्षण देने वाली प्रशिक्षकों में उनका नाम विशेष रूप से लिया जाता है।

राष्ट्र निर्माण और जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी

वान्या शर्मा विभिन्न इंटर-मिनिस्ट्री योग शिविरों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, फिटनेस कार्यक्रमों और युवा नेतृत्व गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले चुकी हैं। उनके प्रयास प्रधानमंत्री के फिट इंडिया, खेलो इंडिया, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की समर्थक

योग के साथ-साथ वान्या सामाजिक परिवर्तन की युवा दूत के रूप में भी कार्य कर रही हैं। वे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, असमानताओं में कमी और शांति-सशक्त संस्थानों से जुड़े लक्ष्यों को बढ़ावा देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।

100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान

अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए वान्या शर्मा को 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अवार्ड, ग्लोबल फेम अवार्ड, योग वीर सम्मान, शहीद भगत सिंह नोबल अवार्ड, नेशनल प्राइड अवार्ड, यंग अचीवर अवार्ड, सुपर टैलेंटेड किड अवार्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं।

मीडिया और समाज में व्यापक पहचान

वान्या शर्मा की उपलब्धियों को देश के प्रमुख समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। राष्ट्रीय स्तर के कई टेलीविजन कार्यक्रमों में भी उनकी उपलब्धियों और योग प्रदर्शनों को विशेष स्थान मिला है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार चर्चा का विषय रही है।

ब्रांड एम्बेसडर और युवा नेतृत्व का चेहरा

वान्या शर्मा को यूवाईएसएफ की सबसे कम उम्र की ब्रांड एम्बेसडर बनने का गौरव प्राप्त है। वे प्रतिष्ठित खेल परिधान ब्रांड Shiv Naresh की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। इसके अलावा वे शिक्षा, संस्कृति, युवा नेतृत्व और सामाजिक सेवा से जुड़े कई अभियानों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

महान हस्तियों से मिला आशीर्वाद और सम्मान

वान्या शर्मा को अनेक आध्यात्मिक गुरुओं, योगाचार्यों और प्रतिष्ठित हस्तियों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। आध्यात्मिक जगत से उन्हें प्रेमानंद जी महाराज, अनिरुद्धाचार्य जी महाराज, स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और स्वामी चिदानंद सरस्वती का स्नेह एवं मार्गदर्शन मिला है। वहीं फिल्म जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियों ने भी उनकी उपलब्धियों की सराहना की है।

योग, सेवा और संस्कृति के माध्यम से नया भारत गढ़ने का संकल्प

वान्या शर्मा का लक्ष्य योग, शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और सेवा के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करना तथा एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उनकी उपलब्धियां यह सिद्ध करती हैं कि समर्पण, परिश्रम और सकारात्मक सोच के बल पर युवा पीढ़ी विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ा सकती है।

नई भारतीय युवा शक्ति का प्रतीक हैं वान्या शर्मा

18 विश्व रिकॉर्ड, 100 से अधिक सम्मान, अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां, दिव्यांग बच्चों के लिए सेवा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के प्रति समर्पण ने वान्या शर्मा को देश की सबसे प्रेरणादायक युवा योग हस्तियों में स्थान दिलाया है। वे आज उस नई भारतीय युवा शक्ति का प्रतीक बनकर उभरी हैं, जो योग, संस्कृति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से विश्व में भारत की पहचान को और सशक्त बना रही है।

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