- उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक बोले- नियमित व्यायाम और फिजियोथैरेपी अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य की ओर बढ़ें; विशेषज्ञों ने रोजगार, पुनर्वास और स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपी पर रखे विचार
कानपुर/लखनऊ, 29 जून।
मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में द इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट (IAP), उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित ‘फिजियो समिट-2026’ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी आज बिना दवा के दर्द निवारण, फिटनेस, पुनर्वास और स्वस्थ जीवनशैली का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
युवाओं से सक्रिय जीवनशैली अपनाने का आह्वान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की शारीरिक क्षमता बनाए रखने, आईसीयू मरीजों के शीघ्र पुनर्वास, खेल चोटों की रोकथाम एवं उपचार तथा बुजुर्गों की कार्यक्षमता बढ़ाने में फिजियोथैरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से मोबाइल और रील्स की दुनिया से बाहर निकलकर नियमित व्यायाम एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने की अपील की।
सीपीआर, बीएलएस और आधुनिक तकनीकों का मिला प्रशिक्षण
समिट में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्टों ने भाग लिया। मेदांता हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को सीपीआर (CPR) एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही आधुनिक फिजियोथैरेपी, मैनुअल थेरेपी तथा नवीन उपचार तकनीकों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
फिजियोथैरेपी काउंसिल गठन और नियुक्तियों की उठी मांग
आईएपी उत्तर प्रदेश के स्टेट सेक्रेटरी डॉ. के.के. शर्मा ने आगामी वर्ल्ड फिजियोथैरेपी डे की तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रदेश में शीघ्र फिजियोथैरेपी काउंसिल के गठन की मांग की। समिट के संयोजक डॉ. डी.के. मिश्र ने सभी सीएचसी एवं पीएचसी में फिजियोथैरेपिस्टों की नियुक्ति पर जोर देते हुए कहा कि यदि बिना दवा स्वस्थ जीवन जीना है तो व्यायाम को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपी और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा
आईएपी कानपुर शाखा के सचिव एवं स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. स्टैनली ब्राउन ने फिजियोथैरेपिस्टों के लिए नए रोजगार अवसरों, विभिन्न स्पेशलाइजेशन, जिला चिकित्सालयों में विशेषज्ञ फिजियोथैरेपिस्टों की नियुक्ति तथा खेलों में स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव है, जिसके लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने चाहिए।
प्रदेशभर से जुटे विशेषज्ञ
समिट में मेदांता हॉस्पिटल के डायरेक्टर (ऑर्थोपेडिक्स) डॉ. सौरभ शुक्ला ने गठिया एवं अन्य अस्थि रोगों की रोकथाम और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डॉ. के.के. शर्मा, डॉ. डी.के. मिश्र, डॉ. स्टैनली ब्राउन, डॉ. सुधीर द्विवेदी, डॉ. उमेश मिश्रा, डॉ. अनुराग आनंद सहित प्रदेशभर से आए अनेक वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।