- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह के अंतर्गत स्काउट-गाइड की निबंध प्रतियोगिता
- स्काउट-गाइड विद्यार्थियों ने निबंधों के माध्यम से बताई स्वस्थ वृद्धावस्था में योग की महत्ता
कानपुर, 17 जून।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व आयोजित किए जा रहे योग सप्ताह कार्यक्रमों के अंतर्गत स्काउट-गाइड विद्यार्थियों ने “स्वस्थ वृद्धावस्था में योग का महत्व” विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता में भाग लेकर योग के प्रति अपनी जागरूकता और रचनात्मक सोच का परिचय दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली लेखनी से यह संदेश दिया कि योग न केवल स्वस्थ जीवन का आधार है, बल्कि वृद्धावस्था को भी सुखद, संतुलित और ऊर्जावान बनाने का सशक्त माध्यम है।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने निबंधों के माध्यम से बताया कि “योग एक ऐसा अभ्यास है, जो स्वस्थता का अहसास कराता है”। बच्चों ने अपने विचारों में उल्लेख किया कि योग जीवन जीने की कला है और यह वृद्धजनों के लिए संजीवनी बूटी की तरह कार्य करता है। नियमित योगाभ्यास शरीर की कमजोर होती प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है तथा शरीर को लचीला, संतुलित और सक्रिय बनाए रखने में सहायता करता है।
योग को बताया स्वस्थ वृद्धावस्था का उपहार
प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों ने अपने लेखों में लिखा कि “योग है जीवन का आधार, स्वस्थ वृद्धावस्था का यही उपहार”। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र में मानसिक तनाव, शारीरिक कमजोरी और विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए योग अत्यंत लाभकारी है। योग व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है।
विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने दिखाया प्रतिभा का परिचय
जिला सचिव सर्वेश तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एस.एन. सेन गर्ल्स इंटर कॉलेज की अंकिता, अंकिता त्रिवेदी एवं पूनम गुप्ता, पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन इंटर कॉलेज के श्रीम पाल, नविका सिंह एवं अस्तित्व त्रिपाठी, के.के. गर्ल्स इंटर कॉलेज की दीक्षा सिंह, अनन्य शुक्ला एवं मुस्कान, आर.के. मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल के नैतिक, नगर निगम महिला इंटर कॉलेज तिलक नगर तथा श्रीरामलला विद्यालय के ऋतुराज एवं विष्णु प्रकाश पांडे ने अपने विचारों से सभी को प्रभावित किया।
आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका
प्रतियोगिता के सफल संचालन में शारदा शुक्ला, मिथलेश पांडे, डॉ. स्मित तिवारी, डॉ. पंकज शुक्ल, सविता यादव, राकेश उपाध्याय, अनुज कुमार सिंह, डॉ. संतोष अरोड़ा, कौशल राय, प्रीती तिवारी, कौशल विश्वकर्मा, ऊषा यादव, डॉ. दिशा दुबे, ज्योति यादव, शैलजा रावत, रविन्द्र यादव, ऋषिका मिश्रा एवं राज कश्यप ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
योग से स्वस्थ समाज निर्माण का संदेश
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को यह संदेश दिया कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सक्रिय और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है। विशेष रूप से वृद्धावस्था में योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का प्रभावी साधन है।