- पेनल्टी शूटआउट में झारखंड को 4-3 से हराकर उत्तर प्रदेश ने जीता खिताब
- बलिया के वीर लॉरेंस स्टेडियम में खेला गया रोमांचक फाइनल, निर्धारित समय में 1-1 से बराबर रहा मुकाबला
- गोलकीपर प्रांजल के शानदार बचाव और कप्तान आदिदेव यादव की अगुवाई में यूपी ने रचा इतिहास
बलिया, 6 नवंबर।
उत्तर प्रदेश की अंडर-17 बालक फुटबॉल टीम ने 19 साल का लंबा इंतजार खत्म करते हुए राष्ट्रीय विद्यालयी फुटबॉल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। बलिया के वीर लॉरेंस स्टेडियम में आयोजित 70वीं राष्ट्रीय विद्यालयी बालक फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल में उत्तर प्रदेश ने झारखंड को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 गोल की बराबरी पर थीं। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में यूपी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। उत्तर प्रदेश और झारखंड के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर लगातार हमले किए। हालांकि निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में रोमांच चरम पर पहुंच गया।
निर्णायक क्षणों में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और आत्मविश्वास दिखाया। यूपी की ओर से अभिषेक कुमार (बरेली हॉस्टल), अभिषेक (गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ), औसाफ और कप्तान आदिदेव यादव ने गोल दागे। वहीं गोलकीपर प्रांजल ने शानदार बचाव करते हुए झारखंड के खिलाड़ियों को गोल करने से रोका। उनके दमदार प्रदर्शन ने यूपी की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
पूरे टूर्नामेंट में कप्तान आदिदेव यादव ने नेतृत्व क्षमता और खेल कौशल से टीम को एकजुट रखा। खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल, अनुशासन और आखिरी दम तक संघर्ष करने के जज्बे ने उत्तर प्रदेश को चैंपियन बनाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में कोच हिमांशु शुक्ला (त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज, काकोरी) और टीम मैनेजर राजेंद्र कुमार (डीएवी कॉलेज, गोंडा) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
19 साल बाद मिली इस जीत से प्रदेश की विद्यालयी फुटबॉल को नई पहचान मिली है। झारखंड को हराकर यूपी के युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और दमखम का लोहा मनवाया।