- विश्व पर्यावरण दिवस पर योगार्थियों ने प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प, पीपल, बरगद और नीम के पौधे लगाए
- डॉ. राजेश सिंह बोले— योग और प्रकृति का है अटूट संबंध, हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्य का उपहार
उन्नाव, 5 जून।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शक्तिपुरम स्थित माँ शक्ति योग साधना केंद्र में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का अनूठा संगम देखने को मिला। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन की उत्तर प्रदेश शाखा के अध्यक्ष एवं योग शिविर निदेशक डॉ. राजेश सिंह के सानिध्य में चल रहे 30 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर के दौरान योगार्थियों ने 75 औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
योग प्रशिक्षिका डॉ. प्रीती गुप्ता के निर्देशन में आयोजित वृक्षारोपण अभियान के तहत पीपल, बरगद और नीम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इन वृक्षों को पर्यावरण की त्रिमूर्ति माना जाता है, जो वातावरण को शुद्ध करने और ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में शामिल योगार्थियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि योग और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वस्थ जीवन के लिए जितनी आवश्यकता योग और प्राणायाम की है, उतनी ही शुद्ध वातावरण और हरित परिवेश की भी है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देगा।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र में 10 मई से 30 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर संचालित किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न आयु वर्ग के महिला, पुरुष और बच्चे प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सायंकालीन सत्र में बच्चों को योग के साथ शतरंज, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और फुटबॉल का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में डॉ. कल्पना त्रिवेदी, प्रिया सिंह, अंजू त्रिपाठी, नीलमणि सिंह, महिमा शुक्ला, अमित कुमार यादव, धर्मेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, आलोक शर्मा, अनन्या तिवारी, शुभम, चंद्रा सहित बड़ी संख्या में योगार्थी एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

