- जिला आर्चरी एसोसिएशन की पहल, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने दिया तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण
- सीएसजेएम विश्वविद्यालय के तीरंदाजी ग्राउंड में आयोजित कार्यशाला में खिलाड़ियों को सही तकनीक, सुरक्षा नियम और लक्ष्य साधने के गुर सिखाए गए
कानपुर, 25 जुलाई।
जिला आर्चरी एसोसिएशन, कानपुर द्वारा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के तीरंदाजी ग्राउंड में निःशुल्क तीरंदाजी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 55 खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर तीरंदाजी की मूलभूत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

जिला आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव राजा भरत अवस्थी ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तीरंदाजी की बुनियादी जानकारी, तीर चलाने की सही तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा खेल के नवीनतम नियमों से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य में इस खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें।

कार्यशाला का संचालन आयोजक सचिव वैभव गौड़ के निर्देशन एवं देखरेख में किया गया। इस दौरान एनआईएस कोच प्रभात कुमार, दीपक कुमार एवं विकल्प मिश्रा ने खिलाड़ियों को सही मुद्रा, लक्ष्य साधने की तकनीक, तीरंदाजी की मूलभूत विधियों तथा खेल की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
समापन समारोह में संगठन के अध्यक्ष श्रेयांश कपूर ने आयोजन की सराहना करते हुए प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। वहीं विश्वविद्यालय के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट सर्वेश यादव ने कहा कि इस तरह की पहल विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में सह-सचिव संदीप कुमार, मौसमी साहू, हौसले की उड़ान एनजीओ से राखी, ओजस, आयुष कुमार, युवराज, दिनेश सहित अनेक गणमान्य अतिथि, खेल प्रेमी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण शिविर एवं कार्यशालाएं आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।