- पोस्टर, पेंटिंग और स्लोगन प्रतियोगिताओं के जरिए वृद्धावस्था में योग के लाभों का दिया संदेश
कानपुर, 16 जून।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों के तहत भारत स्काउट एवं गाइड, कानपुर नगर के बच्चों ने पोस्टर, पेंटिंग और स्लोगन प्रतियोगिताओं के माध्यम से योग के महत्व को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने रंगों और संदेशों के जरिए विशेष रूप से वृद्धावस्था में योग के लाभों को दर्शाते हुए स्वस्थ एवं सुखी जीवन का संदेश दिया।

योग सप्ताह में बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
भारत स्काउट एवं गाइड के जिला सचिव सर्वेश तिवारी ने बताया कि योग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने योगाभ्यास कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का परिचय दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से यह संदेश दिया कि नियमित योग वृद्धावस्था में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

‘वृद्धावस्था में योग का महत्व’ रहा मुख्य विषय
कार्यक्रम की थीम “वृद्धावस्था में योग का महत्व” रखी गई थी। इस विषय पर बच्चों ने अपनी कल्पनाओं और विचारों को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग के लाभों को जन-जन तक पहुंचाना था।
योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में योग के प्रति रुचि विकसित करना और उन्हें इसके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक लाभों के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार है और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
पूर्णचंद्र विद्या निकेतन, एस.एन. सेन गर्ल्स कॉलेज, के.के. गर्ल्स इंटर कॉलेज, आर.के. मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल तथा हर सहाय जगदंबा सहाय इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों के स्काउट-गाइड विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के महत्व को रेखांकित किया।
प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में हुए आयोजन
कार्यक्रम के सफल संचालन में ऊषा यादव, डॉ. दिशा दुबे, शैलजा रावत, ज्योति यादव, कौशल राय, आशीष सिंह, ऋषिका मिश्रा, मोहम्मद राशिद अनवर, रीता शुक्ला, कौशल विश्वकर्मा एवं राज कश्यप का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में प्रतियोगिताओं और योगाभ्यास का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।