नेट्स में विराट कोहली का स्टंप उड़ाकर बटोरी वाहवाही, अब रणजी में कार्तिक यादव की फिरकी का कहर

 

  • 18 साल की उम्र में विराट कोहली को नेट्स पर किया था बोल्ड, दिग्गज बल्लेबाज ने पीठ थपथपाकर दी थी शाबाशी
  • बिहार के बाद गोवा के खिलाफ भी सात विकेट लेकर युवा स्पिनर ने मचाया तहलका
  • आदर्श रवींद्र जडेजा की तरह बाएं हाथ से करते हैं स्पिन गेंदबाजी, फ्लैट पिचों पर भी विकेट निकालने में माहिर

 

कानपुर, 3 नवंबर।

सितंबर 2024 में ग्रीन पार्क स्टेडियम में विराट कोहली के स्टंप बिखेरकर सुर्खियों में आए युवा स्पिनर कार्तिक यादव अब रणजी ट्रॉफी में अपनी फिरकी का जादू बिखेर रहे हैं। महज 18 साल की उम्र में दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज को नेट्स पर बोल्ड करने वाले कार्तिक ने घरेलू क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा का दम दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश की टीम से खेलते हुए यह युवा बाएं हाथ का स्पिनर लगातार विकेट चटकाकर विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन रहा है।

विराट कोहली से मिली शाबाशी बनी यादगार

विराट कोहली को नेट्स पर बोल्ड करने का वह पल कार्तिक के क्रिकेट करियर की सबसे यादगार घटनाओं में शामिल है। भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच की तैयारियों के दौरान ग्रीन पार्क में अभ्यास सत्र चल रहा था। इसी दौरान कार्तिक की फिरकी पर विराट कोहली चकमा खा गए और उनके स्टंप बिखर गए। कार्तिक बताते हैं कि विकेट लेने के बाद कोहली सर पीछे मुड़े, उनकी आंखों में देखा और मुस्कुराते हुए कहा, ‘वेरी वेल बोल्ड’। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ उनके लिए बड़ी प्रेरणा बन गई। इसी अभ्यास सत्र में अपने आदर्श रवींद्र जडेजा को सामने देखकर भी कार्तिक काफी रोमांचित हुए थे। वह उनसे कुछ कह नहीं पाए और हाथ जोड़कर नमस्ते किया।

रणजी में लगातार दमदार प्रदर्शन

कार्तिक ने पिछले रणजी सीजन में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करते हुए ही एक मुकाबले में पांच विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। मौजूदा रणजी सीजन में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। बिहार के खिलाफ राजगीर में पहली पारी में चार विकेट समेत उन्होंने मैच में कुल छह विकेट चटकाए। इसके बाद कानपुर में गोवा के खिलाफ सात विकेट लेकर अपनी फिरकी का लोहा मनवाया। लगातार शानदार प्रदर्शन से उन्होंने उत्तर प्रदेश की गेंदबाजी को मजबूती देने के साथ चयनकर्ताओं का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है।

### फ्लैट पिचों पर बल्लेबाज का दिमाग पढ़ना जरूरी

अपने आदर्श रवींद्र जडेजा की तरह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले कार्तिक का अंदाज आक्रामक है। उनका मानना है कि सपाट पिचों पर केवल अच्छी गेंदबाजी के दम पर विकेट हासिल करना आसान नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में बल्लेबाज के इरादों को समझना, गेंदबाजी के एंगल में बदलाव करना और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है। कार्तिक के मुताबिक, रेड बॉल क्रिकेट में स्पिनर का सबसे बड़ा हथियार सब्र होता है। बल्लेबाज की कमजोरी पहचानकर उसके अनुसार रणनीति बनाना ही विकेट हासिल करने का रास्ता है।

प्रदर्शन पर है पूरा फोकस

कार्तिक का लक्ष्य भी स्पष्ट है। उनका मानना है कि टीम में चयन उनके हाथ में नहीं है, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और टीम की जीत में योगदान देना उनके नियंत्रण में है। विराट कोहली से मिली शाबाशी से शुरू हुआ यह सफर अब रणजी के मैदान पर नई पहचान बना रहा है। यदि कार्तिक इसी तरह अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को परेशान करते रहे तो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं।

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