- लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ का रिकॉर्ड आज भी अटूट, केरल के क्रिकेट इतिहासकार प्रोफेसर वशिष्ठ एम.सी. ने बैनर लगाकर मनाया ऐतिहासिक दिन
कानपुर, 20 जनवरी।
आज से ठीक 50 वर्ष पूर्व, रविवार 25 जनवरी 1976 को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में सुरिंदर अमरनाथ ने शानदार शतक जड़कर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया। इस शतक के साथ उन्होंने अपने पिता, महान लाला अमरनाथ की उपलब्धि को दोहराया। इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के 50 वर्ष पूरे होने पर केरल के प्रख्यात क्रिकेट इतिहासकार प्रोफेसर वशिष्ठ एम.सी. ने इस दिन को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने एक विशेष बैनर बनवाकर इस दुर्लभ उपलब्धि को सम्मानित किया और क्रिकेट प्रेमियों के साथ इसे साझा किया।
पिता–पुत्र की जोड़ी का अटूट रिकॉर्ड
इस शतक के साथ लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ टेस्ट क्रिकेट इतिहास की पहली ऐसी पिता–पुत्र जोड़ी बनी, जिसने अपने-अपने पहले टेस्ट मैच में शतक लगाया। यह अनोखा रिकॉर्ड आज भी अटूट है और विश्व क्रिकेट में एक दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है।
1933 में लाला अमरनाथ ने रचा था इतिहास
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की शुरुआत 17 दिसंबर 1933 को हुई थी, जब बंबई में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में लाला अमरनाथ ने 185 मिनट में 21 चौकों की मदद से 118 रन बनाए और डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बने।
लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ की यह उपलब्धि क्रिकेट में परंपरा, प्रतिभा और विरासत का प्रतीक है। प्रोफेसर वशिष्ठ एम.सी. द्वारा इस ऐतिहासिक दिन को स्मरण किया जाना यह दर्शाता है कि यह रिकॉर्ड केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि क्रिकेट संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।