- रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन से मजबूत हुई ज्ञानेंद्र पांडेय की दावेदारी, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज सुदीप त्यागी भी मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच पद के विकल्प
- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से पहले यूपीसीए जल्द लेगा फैसला, 14 नवंबर से मुंबई में शुरू होंगे मुकाबले
भूपेंद्र।
कानपुर, 4 नवंबर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट में कोचिंग की जिम्मेदारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। रणजी ट्रॉफी में टीम के शानदार प्रदर्शन के बाद मुख्य कोच ज्ञानेंद्र पांडेय का दावा मजबूत हुआ है। यूपी क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) अब लाल गेंद के क्रिकेट में उनके अनुभव और सफलता को सफेद गेंद के प्रारूप में भी आजमाने पर विचार कर रहा है। बड़ौदा के खिलाफ मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम की जोरदार वापसी ने पांडेय की रणनीतिक क्षमता और खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन कराने के कौशल को फिर साबित किया है।
मुख्य कोच या गेंदबाजी कोच बन सकते हैं सुदीप त्यागी
यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने मंगलवार को संकेत दिए कि सफेद गेंद की टीम के मुख्य कोच पद के लिए ज्ञानेंद्र पांडेय के नाम पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्र में पुरुष टीम उनके मार्गदर्शन में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में उन्हें व्हाइट बॉल क्रिकेट की जिम्मेदारी देने पर विचार होना स्वाभाविक है। हालांकि, अभी किसी नाम पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। गुप्ता के मुताबिक, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज सुदीप त्यागी भी मुख्य कोच अथवा गेंदबाजी कोच पद के दावेदार हैं। इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
14 नवंबर से शुरू होगी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी
यूपीसीए के सामने नई जिम्मेदारी जल्द तय करने की चुनौती है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मुकाबले 14 नवंबर से मुंबई में शुरू होने हैं। ऐसे में टूर्नामेंट से पहले कोचिंग की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। यह फैसला उत्तर प्रदेश की टी-20 टीम की तैयारियों और आगामी सत्र की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा।
पदार्पण सत्र में 41 विकेट लेकर चर्चा में आए थे त्यागी
सुदीप त्यागी का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर प्रभावशाली रहा है। वर्ष 2007 में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करने वाले त्यागी ने पहले ही सत्र में ओडिशा के खिलाफ एक मुकाबले में दस विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। पहली पारी में छह विकेट लेने वाले त्यागी ने पदार्पण सत्र में कुल 41 विकेट हासिल किए थे। उनके प्रदर्शन की बदौलत उत्तर प्रदेश की टीम रणजी ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंची थी।
आईपीएल से टीम इंडिया तक बनाई पहचान
करीब 13 साल के घरेलू करियर में त्यागी ने 41 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 109 विकेट और 46 सीमित ओवरों के मैचों में 47 विकेट हासिल किए। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से 2009 में किए गए प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इसी वर्ष भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद उन्होंने चार वनडे और एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शिकार बने थे।
युवा गेंदबाजों को मिल सकता है अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ
चोटों के कारण त्यागी का अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं चल सका, लेकिन तेज गेंदबाजी की बारीकियों, मैच की परिस्थितियों को समझने और सीमित ओवरों के क्रिकेट की जरूरतों का उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यूपीसीए ज्ञानेंद्र पांडेय के सफल कोचिंग अनुभव पर भरोसा जताता है या सुदीप त्यागी को नई जिम्मेदारी सौंपता है। दोनों नामों पर मंथन के बीच यूपी क्रिकेट की सफेद गेंद वाली टीम के नए कोचिंग नेतृत्व को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।