- एलनहाउस पब्लिक स्कूल, खलासी लाइन्स में आयोजित जोन-बी सीनियर बालिका प्रतियोगिता में 12 विद्यालयों की 60 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
कानपुर, 18 जुलाई 2026।
एलनहाउस पब्लिक स्कूल, खलासी लाइन्स में केएसएस अंतर-विद्यालयीय (जोन-बी) सीनियर बालिका शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सीबीएसई जोन-बी के 12 विद्यालयों की 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रणनीतिक सोच, एकाग्रता और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
प्रतियोगिता का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शबाना अरोड़ा, वरिष्ठ प्रधानाध्यापिका श्रीमती ज़ेहरा फ़ातिमा तथा कानपुर जिला शतरंज संघ के सचिव दिलीप श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों के स्वागत के साथ कार्यक्रम का आगाज़ हुआ। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
प्रधानाचार्या डॉ. शबाना अरोड़ा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, एकाग्रता और निर्णय क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
चार राउंड तक चला रोमांचक मुकाबला
चार राउंड तक चली इस प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। विभिन्न विद्यालयों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति और कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया।
श्री सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर ने जीता खिताब
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
प्रथम स्थान: श्री सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर (8 अंक)
द्वितीय स्थान: गार्डेनिया पब्लिक स्कूल (6 अंक)
तृतीय स्थान: प्रभात सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल (5 अंक)
पांच खिलाड़ियों को मिला बेस्ट परफॉर्मर सम्मान
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पांच खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया—
रिद्धिमा शुक्ला (डीपीएस, आजाद नगर)
नाव्या राठौर (पंडित दीनदयाल स्कूल)
स्वस्तिका कुमारी (मरियमपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल)
साक्षी यादव (डीपीएस, कल्याणपुर)
गार्गी (एनएलके एकेडमी)
आयोजन समिति ने जताया आभार
प्रतियोगिता के समापन पर सभी अतिथियों, प्रतिभागी विद्यालयों, कानपुर जिला शतरंज संघ के पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में खेल भावना, बौद्धिक विकास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देती हैं।