- 1,700 से अधिक खिलाड़ियों की होगी स्पीड और स्किल की परीक्षा, आधुनिक तकनीक से चुने जाएंगे उत्तर प्रदेश के 35 सबसे तेज़ गेंदबाज़
- 1 और 2 जुलाई को कमला क्लब में होंगे ट्रायल, 12 जिलों के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा, रडार गन और AI तकनीक से होगा प्रदर्शन का मूल्यांकन
- BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला की पहल को आगे बढ़ा रहा है UPCA, लड़के और लड़कियों दोनों को मिलेगा अवसर
कानपुर, 30 जून।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) द्वारा प्रदेश के सबसे बड़े तेज़ गेंदबाज़ प्रतिभा खोज अभियान ‘UPCA स्पीड हंट’ का अगला चरण 1 और 2 जुलाई को कानपुर के कमला क्लब में आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के उभरते हुए तेज़ गेंदबाज़ों की पहचान कर उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। पूरे उत्तर प्रदेश से अंतिम रूप से 35 प्रतिभाशाली फास्ट बॉलर्स का चयन किया जाएगा।
BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला की सोच और विजन को आगे बढ़ाते हुए शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र में छिपी तेज़ गेंदबाज़ी की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। इसमें 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के लड़के और लड़कियां दोनों भाग ले रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया, जिसे प्रदेशभर से शानदार प्रतिक्रिया मिली।
UPCA ने पंजीकरण के आधार पर प्रदेश में सात ट्रायल सेंटर—गाजीपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ—निर्धारित किए हैं। गाजीपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और लखनऊ में ट्रायल सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुके हैं, जबकि अब कानपुर केंद्र पर खिलाड़ियों की प्रतिभा का परीक्षण होगा।
कानपुर केंद्र पर ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, रायबरेली, कानपुर नगर, औरैया, झांसी, बांदा, फतेहपुर, जालौन, कानपुर देहात और कन्नौज सहित 12 जिलों के 1,700 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी को देखते हुए ट्रायल प्रतिदिन दो अलग-अलग स्लॉट में आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक प्रतिभागी का निष्पक्ष और व्यवस्थित मूल्यांकन किया जा सके।
इस स्पीड हंट की सबसे बड़ी विशेषता इसका आधुनिक और तकनीक आधारित चयन तंत्र है। खिलाड़ियों की गेंदबाज़ी की गति अत्याधुनिक रडार गन से मापी जाएगी, जबकि उनकी तकनीक, एक्शन और प्रदर्शन का विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित होगी।
UPCA का मानना है कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश को और अधिक गुणवत्तापूर्ण तेज़ गेंदबाज़ दे सकेगा। चयनित खिलाड़ियों को आगे UPCA की ओर से विशेष प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
UPCA लगातार प्रदेश में क्रिकेट की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है और ‘स्पीड हंट’ अभियान इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।