ग्रीनपार्क में अधिक क्रिकेट मैचों का रास्ता साफ, योगी कैबिनेट ने नई शुल्क व्यवस्था को दी मंजूरी

 

 

 

  • यूपी टी-20 लीग और ‘ए’ टीम के अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए अलग शुल्क तय, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को मिलेगा फायदा
  • उत्तर प्रदेश टी-20 लीग के मैचों के लिए 2.50 लाख रुपये प्रति मैच प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा
  • भारत ‘ए’ बनाम अन्य देशों की ‘ए’ टीमों जैसे द्वितीय श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए 5 लाख रुपये प्रति मैच प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है
  • इन शुल्कों में हर पांच साल बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी

 

लखनऊ, 10 मार्च।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Uttar Pradesh Cricket Association को Green Park Stadium, कानपुर के उपयोग से जुड़े अनुज्ञा-अनुबंध में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के तहत कुछ खास क्रिकेट आयोजनों के लिए नई और स्पष्ट शुल्क व्यवस्था तय की गई है।

दरअसल, 28 अप्रैल 2015 को जारी शासनादेश के तहत ग्रीनपार्क स्टेडियम के उपयोग के लिए जो अनुबंध किया गया था, उसमें कुछ आयोजनों जैसे प्रतिभा खोज कार्यक्रम के तहत आयोजित उत्तर प्रदेश टी-20 लीग और द्वितीय श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच (जैसे India A cricket team बनाम Australia A cricket team) के लिए अलग से शुल्क निर्धारित नहीं था। इसी कारण ऐसे आयोजनों के संचालन में व्यावहारिक कठिनाई आती थी।

अब सरकार ने नई व्यवस्था करते हुए तय किया है कि उत्तर प्रदेश टी-20 लीग के मैचों के लिए 2.50 लाख रुपये प्रति मैच प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा। सामान्य तौर पर अन्य आयोजनों के लिए 25 लाख रुपये शुल्क निर्धारित है, लेकिन खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसमें लगभग 90 प्रतिशत की छूट दी गई है।

इसी तरह भारत ‘ए’ बनाम अन्य देशों की ‘ए’ टीमों जैसे द्वितीय श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए 5 लाख रुपये प्रति मैच प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि इन शुल्कों में हर पांच साल बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से ग्रीनपार्क स्टेडियम में अधिक क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित हो सकेंगी। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

इसका सीधा फायदा खेल प्रेमियों को भी मिलेगा, क्योंकि कानपुर में अधिक मैच आयोजित होने से उन्हें अपने शहर में ही उच्च स्तरीय क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा। साथ ही ऐसे आयोजनों से होटल, परिवहन, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ेंगे।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य के राजस्व को भी बढ़ाने में सहायक होगा, जबकि इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

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