- मधुमक्खियों के हमले में वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता का निधन, कानपुर क्रिकेट जगत स्तब्ध
कानपुर, 18 फरवरी।
खेल के मैदान पर खिलाड़ी अपनी अपनी टीम के लिए खेलता है, लेकिन मैदान पर एक शख्स होता है जो पूरी निष्पक्षता से खड़ा रहता है और पूरी शिद्दत से अपने फैसलों से मैच का संचालन करता है। ये कोई और नहीं अंपायर होता है। अपने निष्पक्ष फैसलों और शानदार अंपायरिंग के लिए विख्यात केसीए से संबद्ध अंपायर मानिक गुप्ता का एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया। राहुल सप्रू मैदान पर अंडर-13 क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान मधुमक्खियों के हमले में वह बुरी तरह घायल हो गये और जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुधवार को घटी इस घटना ने पूरे शहर को भीतर तक झकझोर दिया।
वर्षों से क्रिकेट अंपायरिंग से जुड़े मानिक गुप्ता के साथ जब यह दुर्घटना घटी तब वह अपना मैच समाप्त कर ग्राउंड पर दूसरे साथियों के साथ बैठे हुए थे। मैदान पर दूसरा मैच खेला जा रहा था। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड मैदान पर टूट पड़ा। कुछ ही क्षणों में अफरा-तफरी मच गई। खिलाड़ी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई क्रिकेटरों को भी मधुमक्खियों ने काटा, लेकिन सबसे अधिक हमला मानिक गुप्ता पर हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह बुरी तरह घायल हो गए थे। तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह समाचार फैलते ही कानपुर का क्रिकेट जगत शोक में डूब गया। जिसने भी खबर सुनी वह शॉक्ड रह गया। हर आँख नम हो गई।
मानिक गुप्ता शहर के जाने-माने और अनुभवी अंपायर थे। उन्होंने वर्षों तक स्थानीय क्रिकेट को अपनी सेवाएं दीं। उनके फैसलों में निष्पक्षता और व्यक्तित्व में सादगी झलकती थी। युवा खिलाड़ियों के बीच वह अनुशासन और मार्गदर्शन के प्रतीक माने जाते थे।
अपने पीछे वह पत्नी और बेटी छोड़ गए हैं। परिवार पर इस असमय आई त्रासदी ने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कानपुर का क्रिकेट समुदाय दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।