- वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन ने बनाया एशिया महाद्वीप का कोऑर्डिनेटर
- अंतरराष्ट्रीय खेल नेतृत्व में बढ़ा कानपुर का गौरव, एशियाई देशों में दिव्यांग डार्ट्स के विकास और विस्तार की संभालेंगे जिम्मेदारी
कानपुर, 26 अक्टूबर।
कानपुर के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पैरा खिलाड़ी एवं खेल प्रशासक महेंद्र प्रताप सिंह को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन (WDDA) ने उन्हें आधिकारिक रूप से एशिया महाद्वीप का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। संगठन के प्रमुख टेड मैकमिलन ने अपने आधिकारिक फेसबुक ग्रुप के माध्यम से इस नियुक्ति की घोषणा की। महेंद्र प्रताप सिंह की इस उपलब्धि से कानपुर के खेल जगत में खुशी का माहौल है। उनकी नियुक्ति को एशिया में दिव्यांग डार्ट्स के विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खिलाड़ियों को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय खेल नेतृत्व तक का सफर
महेंद्र प्रताप सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के साथ खेल प्रशासन और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अवसर तैयार करने में भी अपनी पहचान बनाई है। खिलाड़ी के रूप में प्राप्त अनुभव और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से वे दिव्यांग खेलों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। डार्ट्स, पैरा क्रिकेट सहित विभिन्न दिव्यांग खेलों के विकास और प्रतियोगिताओं के आयोजन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
डार्ट्स और पैरा क्रिकेट को आगे बढ़ाने में योगदान
महेंद्र प्रताप सिंह भारतीय डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन (IDDA) से जुड़े हैं। भारत में दिव्यांग डार्ट्स को संगठित स्वरूप देने के प्रयासों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कानपुर में आयोजित प्रथम पैरा डार्ट्स राष्ट्रीय चैंपियनशिप-2026 सहित विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने इस खेल को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। पैरा क्रिकेट और अन्य दिव्यांग खेलों में भी वे खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों से जुड़े रहे हैं।
क्रीड़ा भारती में भी निभा रहे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
महेंद्र प्रताप सिंह क्रीड़ा भारती, कानपुर प्रान्त में दिव्यांग प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इस भूमिका में वे दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और समावेशी खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल गतिविधियों के आयोजन तथा खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी उनका योगदान रहा है।
एशियाई देशों में दिव्यांग डार्ट्स के विस्तार पर रहेगा जोर
WDDA प्रमुख टेड मैकमिलन की घोषणा के अनुसार, महेंद्र प्रताप सिंह एशियाई क्षेत्र में संगठन की ओर से समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे और एसोसिएशन के बोर्ड एवं नेतृत्व के साथ नियमित संपर्क में रहेंगे। इस भूमिका में वे एशियाई देशों के खेल संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने, दिव्यांग डार्ट्स को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के अवसर विकसित करने की दिशा में काम करेंगे।
उनकी नियुक्ति से भारत सहित एशिया के अन्य देशों में दिव्यांग डार्ट्स को अधिक संगठित स्वरूप देने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों से जोड़ने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि
महेंद्र प्रताप सिंह का मानना है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता की सीमा नहीं होनी चाहिए। उचित प्रशिक्षण, संसाधन, प्रोत्साहन और अवसर मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनकी अंतरराष्ट्रीय नियुक्ति इसी सोच को आगे बढ़ाने का अवसर है।
कानपुर से एशिया महाद्वीप तक पहुंची यह उपलब्धि स्थानीय खेल समुदाय के लिए गौरव का विषय है। साथ ही, यह उन दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना चाहते हैं। महेंद्र प्रताप सिंह की नई जिम्मेदारी से एशिया में दिव्यांग डार्ट्स के विस्तार और विभिन्न देशों के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद है।