- बाजीराव पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के अदम्य साहस से रूबरू हुए छात्र-छात्राएं
- महर्षि वाल्मीकि आश्रम की पौराणिक कथाओं और धार्मिक स्थलों की भी ली जानकारी
कानपुर, 1 अक्टूबर।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन निदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से युवाओं को प्रदेश की प्राकृतिक, पौराणिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराने के उद्देश्य से भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में क्षेत्रीय कार्यालय गांधी भवन, फूलबाग, कानपुर नगर की ओर से हर सहाय जगदंबा सहाय इंटर कॉलेज, कौशल्या देवी बालिका विद्यालय एवं श्री मारवाड़ी विद्यालय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को एक दिवसीय भ्रमण पर बिठूर ले जाया गया।
गांधी भवन, फूलबाग से जिला पर्यटन अधिकारी श्रीमती नीलम गौतम ने प्रधान सहायक श्रीमती दीप्ति कनौजिया एवं प्रवक्ता सर्वेश तिवारी की उपस्थिति में बस को हरी झंडी दिखाकर बिठूर के लिए रवाना किया।

नानाराव पार्क में इतिहास से हुए रूबरू
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक नानाराव पार्क का भ्रमण किया। यहां उन्होंने बाजीराव पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, अजीजन बाई और तात्या टोपे के अदम्य साहस एवं स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़े इतिहास को जाना। म्यूजियम में बच्चों ने कानपुर के बदलते नामों की स्पेलिंग, पुराने दुर्लभ सिक्के, डाक टिकट, समाचार पत्र, शस्त्र तथा पार्षद श्याम लाल गुप्ता और हसरत मोहानी की जीवनी से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।

महर्षि वाल्मीकि आश्रम में जानीं रामायण से जुड़ी कथाएं
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने महर्षि वाल्मीकि आश्रम का भ्रमण किया। यहां उन्हें महर्षि वाल्मीकि के दस्यु से महर्षि बनने की कथा, रामायण की रचना, मां सीता की रसोई, उनके धरती माता की गोद में समाने, लव-कुश की पाठशाला तथा अश्वमेध यज्ञ से जुड़ी कथाओं की जानकारी दी गई।
आश्रम में मौजूद प्राचीन वृक्ष के बारे में भी बच्चों को रोचक जानकारी दी गई। वहां के पुजारी ने बताया कि इस वृक्ष में पतझड़ नहीं आता और इसकी जड़ों एवं शाखाओं के सूखने के साथ ही नई जड़ें स्वतः निकलती रहती हैं।
धार्मिक स्थलों पर भी पहुंची पर्यटन यात्रा
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने सुधांशु जी महाराज आश्रम, शिव मंदिर और इस्कॉन मंदिर का भी दर्शन किया। इस्कॉन मंदिर में भजन-कीर्तन में शामिल होकर बच्चों ने आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
भ्रमण के दौरान सर्वेश तिवारी, डॉ. प्रवीण कुमार झा, अभिषेक मिश्रा, श्रीमती इंदु मिश्रा, श्रीमती काजल कुशवाहा, अरविंद शर्मा एवं देवराज सिंह ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर ऐतिहासिक विरासत, पौराणिक परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक स्थलों को प्रत्यक्ष रूप से जानने-समझने का अवसर मिला।