कानपुर विश्वविद्यालय और यूपीसीए मिलकर तराशेंगे देश की भावी क्रिकेट प्रतिभाएं

 

  • 10 साल का ऐतिहासिक करार, अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं से निखरेगा खिलाड़ियों का हुनर

 

भूपेंद्र

कानपुर, 17 अक्टूबर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर ने खेलों के विकास और क्रिकेट प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के साथ 10 वर्षीय अनुबंध किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय परिसर स्थित क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स हॉस्टल के संचालन, रखरखाव तथा तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी यूपीसीए संभालेगा। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय क्रिकेट कोचिंग, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार हुआ क्रिकेट स्टेडियम

विश्वविद्यालय परिसर में स्थित क्रिकेट स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। मुख्य मैदान में सात विशेष टर्फ विकेट तैयार किए गए हैं। इन विकेटों के निर्माण में महाराष्ट्र की लाल मिट्टी, कालाहांडी की काली मिट्टी, उन्नाव की काली मिट्टी और मिश्रित मिट्टी का उपयोग किया गया है। लगभग 85 मीटर × 75 मीटर के मैदान में ‘टिफवे बरमूडा’ घास और सैंड-प्रोफाइल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इससे बारिश के पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी और मौसम के कारण खेल गतिविधियों पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

अनुबंध में विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। विश्वविद्यालय की क्रिकेट टीम और प्रस्तावित क्रिकेट अकादमी के खिलाड़ियों को दैनिक अभ्यास, प्रशिक्षण और ट्रायल में प्राथमिकता मिलेगी। यूपीसीए अपने खर्च पर प्रमाणित एवं उच्चस्तरीय मुख्य कोच की नियुक्ति करेगा। इससे खिलाड़ियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अपनी तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

समझौते के अनुसार, अकादमी से होने वाली समस्त आय पर विश्वविद्यालय का अधिकार रहेगा। शनिवार और रविवार को मैदान के उपयोग का पूरा अधिकार विश्वविद्यालय के पास होगा। इसके अलावा, व्यावसायिक बुकिंग से प्राप्त होने वाला संपूर्ण राजस्व भी विश्वविद्यालय के खाते में जमा किया जाएगा। इस व्यवस्था से खेल सुविधाओं के बेहतर उपयोग के साथ विश्वविद्यालय के वित्तीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

स्टेडियम और हॉस्टल के लिए तय हुआ मासिक शुल्क

वित्तीय प्रावधानों के तहत यूपीसीए विश्वविद्यालय को क्रिकेट स्टेडियम के उपयोग के लिए 75 हजार रुपये प्रतिमाह और 50 बेड की क्षमता वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह शुल्क देगा। इन शुल्कों पर नियमानुसार जीएसटी अतिरिक्त होगा। हॉस्टल की क्षमता 100 बेड होने पर मासिक शुल्क बढ़कर ढाई लाख रुपये हो जाएगा। अनुबंध में प्रत्येक पांच वर्ष में शुल्क में 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है।

विश्वविद्यालय के पास रहेगा सर्वोच्च प्रशासनिक नियंत्रण

समझौते में स्पष्ट किया गया है कि स्टेडियम, स्पोर्ट्स हॉस्टल और खेल परिसर पर सर्वोच्च प्रशासनिक नियंत्रण विश्वविद्यालय प्रशासन का ही रहेगा। यूपीसीए को किसी भी परिस्थिति में स्थायी पट्टाधारक अधिकार नहीं दिया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय की संपत्तियों और प्रशासनिक अधिकारों पर उसका नियंत्रण बरकरार रहेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह साझेदारी शिक्षा के साथ खेलों के समग्र विकास को नई दिशा देगी। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, विशेषज्ञ कोचिंग और व्यवस्थित क्रिकेट अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में क्रिकेट प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास के लिए एक सशक्त व्यवस्था विकसित होगी। यह पहल भविष्य में उत्तर प्रदेश सहित देश की क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

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