- 15 विश्व कीर्तिमानधारी अंतरराष्ट्रीय जलयोगी ने कानपुर यूनियन क्लब के तरण ताल में किया अनोखा प्रदर्शन
कानपुर, 14 अगस्त।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कानपुर के फूलबाग स्थित यूनियन क्लब के तरण ताल परिसर में अंतरराष्ट्रीय जलयोगी पंकज जैन ने अनोखा जलयोग प्रदर्शन कर देशभक्ति का संदेश दिया। 15 विश्व कीर्तिमान अपने नाम कर चुके पंकज जैन ने पानी में तैरते हुए हाथ-पैर बांधकर राष्ट्रगान प्रस्तुत किया और तिरंगा लहराया। उनके इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए लोग मौजूद रहे।
पानी में तैरते हुए किया राष्ट्रगान
पंकज जैन ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत जल में उतरकर हाथ-पैर बांधकर तैरते हुए राष्ट्रगान किया। इस दौरान उन्होंने अपने हाथ में राष्ट्रध्वज तिरंगा थामे रखा और पानी में तैरते हुए योग का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने देश के प्रति सम्मान और स्वतंत्रता दिवस की भावना को विशेष अंदाज में प्रस्तुत किया।
15 विश्व कीर्तिमान अपने नाम कर चुके हैं पंकज जैन
अंतरराष्ट्रीय जलयोगी पंकज जैन जल में विभिन्न योग एवं साहसिक प्रदर्शन के लिए पहचान रखते हैं। उनके नाम 15 विश्व कीर्तिमान दर्ज होने की जानकारी दी गई। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया उनका यह प्रदर्शन जलयोग, राष्ट्रगान और तिरंगे को एक साथ जोड़ने वाला अनोखा आयोजन रहा।
देशभक्ति और जलयोग का अनूठा संगम
कानपुर यूनियन क्लब के तरण ताल परिसर में हुए इस प्रदर्शन ने Water Yoga, National Anthem और Patriotism को एक साथ जोड़ते हुए स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को खास बनाया। पंकज जैन ने अपने प्रदर्शन के जरिए लोगों को राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान के साथ-साथ योग के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए प्रभावी पहल बन रहा जल योग
बढ़ती उम्र में स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में जल योग (Aqua Yoga) एक प्रभावी योग पद्धति के रूप में उभर रहा है। ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ अभियान के तहत जल योग को वरिष्ठ नागरिकों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए उपयोगी अभ्यास के तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री पदम इंटरनेशनल एक्वा योगा (जल योग) संस्थान, कानपुर के संस्थापक एवं जलयोगी पंकज जैन ने बताया कि पानी के भीतर या पानी के सहारे योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास शरीर को कम दबाव के साथ सक्रिय रखने में मदद करता है।
पानी देता है शरीर को प्राकृतिक सहारा
जल योग की खासियत यह है कि पानी शरीर के भार को कम करता है। इससे योगाभ्यास के दौरान घुटनों, जोड़ों, रीढ़ और मांसपेशियों पर सामान्य परिस्थितियों की तुलना में कम दबाव पड़ता है। यही कारण है कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ शारीरिक कमजोरी अथवा गतिशीलता से जुड़ी परेशानी वाले लोगों के लिए भी यह अभ्यास उपयोगी हो सकता है।
पंकज जैन के अनुसार, बढ़ती उम्र में शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। नियमित और उचित तरीके से किए गए जल योग अभ्यास से शरीर की Flexibility, Mobility और Balance को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
घुटने और कमर के दर्द में कम दबाव वाला अभ्यास
उम्र बढ़ने के साथ घुटनों और कमर में दर्द, शरीर में अकड़न तथा संतुलन से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। जल योग में पानी शरीर को सहारा देता है, जिससे व्यक्ति अपेक्षाकृत कम भार के साथ विभिन्न योगाभ्यास कर सकता है। पानी के प्रतिरोध के कारण मांसपेशियों को सक्रिय रखने में भी मदद मिलती है।
जल योग को नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाने से शारीरिक सक्रियता के साथ मानसिक शांति और सकारात्मकता को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है।
तनाव और अनिद्रा में भी उपयोगी
जल योग में योगासन के साथ Pranayama और Meditation को शामिल किया जाता है। इससे शरीर के साथ मन को भी शांत रखने में मदद मिलती है। नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, बेहतर नींद और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों में बढ़ सकता है आत्मविश्वास
जल योग का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका सहारा देने वाला वातावरण है। पानी शरीर को सपोर्ट प्रदान करता है, जिससे कई वरिष्ठ नागरिक अपेक्षाकृत सहज तरीके से योगाभ्यास कर सकते हैं। इससे शारीरिक सक्रियता के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने और सक्रिय जीवनशैली के प्रति प्रेरित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, किसी भी नए व्यायाम या योगाभ्यास को शुरू करने से पहले उम्र और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार प्रशिक्षित विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील
जलयोगी पंकज जैन ने वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और योग प्रशिक्षकों से ‘Yoga for Healthy Aging’ के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित योग, प्राणायाम और जल योग के माध्यम से बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति सक्रिय, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था केवल लंबी आयु का विषय नहीं, बल्कि जीवन के इस पड़ाव में Physical Fitness, Mental Wellness और Social Well-being को बनाए रखने का प्रयास है। इसी सोच के साथ जल योग को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।