- संगठनात्मक निर्णयों की वैधता पर आया आदेश, खेल हित में सहयोग और एकजुटता की अपील
कानपुर/लखनऊ, 14 जून।
उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ (UPAA) से जुड़े संगठनात्मक विवाद में माननीय डिप्टी रजिस्ट्रार, लखनऊ ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए डॉ. देवेश दुबे एवं पी.के. श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत याचिका को निरस्त कर दिया है। आदेश में डॉ. देवेश दुबे द्वारा गठित समितियों एवं उनसे संबंधित कार्यवाहियों को भी निरस्त किए जाने का उल्लेख किया गया है।
वहीं, डिप्टी रजिस्ट्रार ने आशुतोष भल्ला द्वारा आयोजित बैठकों तथा उनमें लिए गए निर्णयों को वैध माना है। इस फैसले को संघ की संगठनात्मक स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फैसले के बाद आशुतोष भल्ला ने कहा कि संगठन की प्राथमिकता प्रदेश में एथलेटिक्स का विकास, खिलाड़ियों के हितों की रक्षा तथा खेल गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और खिलाड़ियों से खेल के व्यापक हित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठनात्मक मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए सभी पक्षों को प्रदेश के खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य और एथलेटिक्स के विकास के लिए सकारात्मक सहयोग देना चाहिए। उनके अनुसार खेल की प्रगति आपसी समन्वय, पारदर्शिता और सहयोग से ही संभव है।
खेल प्रशासन से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस आदेश के बाद संघ की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों के संचालन को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, विवाद से जुड़े अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी खेल जगत की नजर बनी हुई है।