जय नारायण विद्या मंदिर में इन्वेस्टिचर सेरेमनी, विद्यार्थियों को सौंपी नेतृत्व की कमान

 

  • नई छात्र परिषद का गठन, नव्या द्विवेदी बनीं स्कूल कैप्टन; अनुशासन, सेवा और उत्तरदायित्व का दिलाया संकल्प
  • एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ रहीं मुख्य अतिथि, सीडीओ अभिनव जे. जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में हुए शामिल

 

कानपुर, 15 अक्टूबर।

जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, विकास नगर में गुरुवार को नई छात्र परिषद के गठन के उपलक्ष्य में भव्य इन्वेस्टिचर सेरेमनी का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यार्थियों को विभिन्न पदों की जिम्मेदारी सौंपकर नेतृत्व, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कानपुर जोन की एडीजी श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ, विशिष्ट अतिथि के रूप में कानपुर महानगर के मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव जे. जैन तथा अध्यक्ष के रूप में प्रांत प्रचारक श्री श्रीराम जी उपस्थित रहे। अतिथियों की उपस्थिति में नवनियुक्त छात्र पदाधिकारियों को उनके दायित्व सौंपे गए।

विद्यालय की नई छात्र परिषद में नव्या द्विवेदी को स्कूल कैप्टन, ऋतिक सक्सेना को वाइस स्कूल कैप्टन, यशस्वी अग्निहोत्री को डिसिप्लिन कैप्टन और मृदुल मिश्रा को वाइस डिसिप्लिन इंचार्ज नियुक्त किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में सिद्धि झा को स्पोर्ट्स कैप्टन तथा आराध्या कनौजिया को वाइस स्पोर्ट्स कैप्टन का दायित्व सौंपा गया। वहीं, सांभवी द्विवेदी को कल्चरल कैप्टन और अभिनंदन द्विवेदी को वाइस कल्चरल कैप्टन नियुक्त किया गया।

विद्यालय की हाउस व्यवस्था के अंतर्गत आराध्या यादव को केशव हाउस, आराध्या शर्मा को माधव हाउस, ओम गुप्ता को प्रताप हाउस और कुशाग्र तिवारी को शिवा हाउस का कैप्टन बनाया गया। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए विद्यालय में अनुशासन, सहयोग और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में योगदान देंगे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र परिषद के नवनियुक्त सदस्य अपने आचरण और कार्यों से अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे तथा विद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे।

मुख्य अतिथि श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ और विशिष्ट अतिथि श्री अभिनव जे. जैन ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से विद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष श्री विनीत चन्द्रा, प्रबंधक प्रोफेसर सुनील मिश्रा, कोषाध्यक्ष श्री विजय अजमानी और उपप्रधानाचार्या डॉ. नमिता गुप्ता सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रज्ञा शुक्ला के नेतृत्व में हुईं, जबकि कार्यक्रम का संचालन रमा अग्निहोत्री ने किया। अंत में उपप्रधानाचार्या डॉ. नमिता गुप्ता ने अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह का समापन नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और विद्यालय की परंपराओं को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

इस अवसर पर आलोक द्विवेदी, सुशील शुक्ला, आशुतोष सत्यम झा, विभा त्रिपाठी, श्रीओम तिवारी, शैलेन्द्र शुक्ला, कौस्तुभ ओमर, भरत दीक्षित और युवराज द्विवेदी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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