उत्तर प्रदेश स्पेशल ओलंपिक फुटबॉल टीम ने गोटिया कप में जीता सिल्वर, खिलाड़ियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

 

 

 

  • ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन, फाइनल में कश्मीर से कड़ा मुकाबला

 

कानपुर, 09 अप्रैल।

उत्तर प्रदेश स्पेशल ओलंपिक फुटबॉल बॉयज टीम ने गोटिया कप राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता 6 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक अटल बिहारी वाजपेई दिव्यांग स्टेडियम, ग्वालियर में आयोजित की गई थी।

टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया। शुरुआती मुकाबले में छत्तीसगढ़ को 9-2 से हराया, जिसमें कानपुर के खिलाड़ी कृष्णा अग्रवाल ने 7 गोल दागकर सभी को प्रभावित किया, जबकि इटावा के हरिकेश यादव ने 2 गोल किए। इसके बाद गुजरात के खिलाफ टीम ने 6-0 से एकतरफा जीत दर्ज की, जिसमें कृष्णा अग्रवाल ने 5 गोल किए।

फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश टीम का सामना कश्मीर से हुआ, जहां कड़े संघर्ष के बाद टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में भी कृष्णा अग्रवाल ने एक गोल कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

टीम में कानपुर के कृष्णा अग्रवाल और एकाग्र शुक्ला, इटावा के हरिकेश यादव, आगरा के गौरव और शशांक शामिल रहे। टीम के कोच सत्येंद्र सिंह यादव ने खिलाड़ियों को पूरे टूर्नामेंट में बेहतर मार्गदर्शन दिया।

विशेष बात यह रही कि कानपुर के कृष्णा अग्रवाल और एकाग्र शुक्ला कैंटोनमेंट बोर्ड प्रेरणा स्पेशल स्कूल के छात्र हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया।

प्रतियोगिता के समापन पर मुख्य अतिथि श्री अमित रत्नगर और श्री भरत गुलानी सहित Special Olympics Bharat के प्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया।

इस उपलब्धि पर कानपुर कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी स्टीफन पी. डी., संयुक्त अधिशासी अधिकारी कल्लूल हजारिक, लखन लाल ओमर, वंदना सिन्हा, विद्यालय की प्रधानाचार्य शिखा अग्रवाल, सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट सुब्रतो भद्रा सहित कई गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों और कोच को बधाई दी।

साथ ही उत्तर प्रदेश स्पेशल ओलंपिक भारत के अध्यक्ष मुकेश शुक्ला, एरिया डायरेक्टर संजीव दोहरे, मनोज सिंह, इंद्रपाल, कृष्णा शर्मा एवं क्रीड़ा भारती कानपुर से जुड़े आशुतोष, सत्यम झा, सुनील सिंह, केशव द्विवेदी, कमलेश यादव, गगन बाजपेई और सौरभ श्रीवास्तव ने भी टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह उपलब्धि प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाती है कि अवसर मिलने पर वे किसी से कम नहीं हैं।

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