- वैलेंटाइन डे पर सीखने के प्रति प्रेम और ‘मल्टीपल इंटेलिजेन्सेस’ मॉडल का अभिनव संगम
कानपुर, 14 फरवरी।
कानपुर के अभिनव शिक्षण संस्थान 8 पेटल्स में वैलेंटाइन डे केवल भावनाओं का नहीं, बल्कि सीखने से प्रेम का उत्सव बन गया। विद्यालय ने अपने पहले स्थापना दिवस के अवसर पर आठ प्रकार की बुद्धिमत्ताओं पर आधारित शिक्षण मॉडल को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। यहां प्रेम का अर्थ हर बच्चे की क्षमता पर विश्वास करना और उसकी जिज्ञासा को सम्मान देना है।

8 लेब्स में विकसित हो रही 8 बुद्धिमत्ताएँ
विद्यालय में विशेष रूप से विकसित आठ प्रयोगशालाओं के माध्यम से भाषाई, तार्किक, संगीतात्मक, काइनेस्थेटिक, नैसर्गिक, अंतरव्यक्तिक, अंतर्व्यक्तिक तथा दृश्य-स्थानिक बुद्धिमत्ताओं का विकास किया जाता है। कार्यक्रम में इन सभी लेब्स की झलक रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाई गई। कहीं कत्थक के जरिए गणित की अवधारणाएँ समझाई गईं, तो कहीं रीसायकल सामग्री से बने परिधानों के फैशन शो द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

पॉडकास्ट और पैनल चर्चा में शिक्षा का भविष्य
संस्थापक लवांश कटियार FRSA की परिकल्पना पर आयोजित एक विशेष पॉडकास्ट में डॉ. हीरा लाल (आईएएस), सचिव, राष्ट्रीय एकता विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि 8 बुद्धिमत्ताओं पर आधारित शिक्षा ही भविष्य की दिशा तय करेगी।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस के नॉलेज पार्टनरशिप के अंतर्गत आयोजित पैनल चर्चा में शिक्षा विशेषज्ञों, चिकित्सकों और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने बहुआयामी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. हॉवर्ड गार्डनर के सिद्धांत का मंचन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘मल्टीपल इंटेलिजेन्सेस थ्योरी’ पर आधारित सांस्कृतिक मंचन रहा। हेड केयरर वैशाली खत्री और एजुकेयरर अनिकेत तिवारी के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाट्य रूपांतरण ने पारंपरिक परीक्षा-आधारित मूल्यांकन प्रणाली से आगे बढ़कर समग्र विकास की अवधारणा को रेखांकित किया।
परंपरा और तकनीक का संतुलन
कार्यक्रम में मानव बुद्धिमत्ता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बीच वाद-विवाद, काइनेस्थेटिक लैब में मार्शल आर्ट्स व सूर्य नमस्कार, नेचुरलिस्टिक लैब में बांस नृत्य तथा STEM लैब में विज्ञान आधारित मैजिक शो ने दर्शकों को प्रभावित किया। दादी की कहानियों की आत्मीय प्रस्तुति ने पीढ़ियों के बीच संवाद को भी सशक्त किया।
शिक्षा का आश्रय स्थल
समारोह के अंत में केक कटिंग और सेंसरी रॉक बैंड की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। अभिभावकों और शिक्षकों ने कहा कि 8 पेटल्स केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि ऐसा आश्रय है जहाँ बच्चे की जिज्ञासा और माँ की ममता का संगम होता है। यहां हर बच्चे की ‘भीतरी पंखुड़ी’ को सहेजने का संकल्प लिया गया है—ताकि उसकी आवाज कभी दबे नहीं और उसकी रोशनी कभी मंद न पड़े।