कानपुर, 6 जनवरी।
नगर निगम द्वारा खेलो इंडिया एवं स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत आर्यनगर स्थित द स्पोर्ट्स हब (टीएसएच) में ईडब्लूएस (अल्प आय वर्ग) के बच्चों के लिए संचालित निशुल्क खेल प्रशिक्षण योजना ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। अब तक प्रशिक्षित 1556 खिलाड़ियों ने राज्य और जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 126 पदक जीतकर कानपुर का गौरव बढ़ाया है।
🟦 सातवां बैच 6 जनवरी से शुरू
टीएसएच में ईडब्लूएस बच्चों को मिल रहा गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण, राज्य व जिला स्तर पर 126 पदक जीतकर बनी सफलता की मिसाल। टीएसएच में ईडब्लूएस बच्चों के लिए निशुल्क खेल प्रशिक्षण का सातवां बैच मंगलवार, 6 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है। इसके लिए कुल 424 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें सत्यापन के बाद 256 बच्चों को ट्रायल में शामिल किया गया।
🔹 पारदर्शी ट्रायल प्रक्रिया
शुक्रवार को सुबह फिजिकल टेस्ट और दोपहर में इंडिविजुअल स्पोर्ट्स स्किल टेस्ट आयोजित किया गया। बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, जूडो, कबड्डी, कराटे, शूटिंग, टेबल टेनिस और ताइक्वांडो जैसे खेलों में बच्चों की क्षमता का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सात सदस्यीय कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित की गई।
🔹 250 खिलाड़ियों का अंतिम चयन
ट्रायल के उपरांत 250 बच्चों का अंतिम चयन किया गया है। चयनित खिलाड़ियों ने मेडिकल सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं और मंगलवार से उनका नियमित प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है।
🔹 1556 खिलाड़ियों को मिल चुका प्रशिक्षण
अब तक टीएसएच में ईडब्लूएस वर्ग के छह बैच संचालित हो चुके हैं, जिनमें 1556 बच्चों को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित किया गया। इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर 4 सिल्वर और 6 ब्रांज, जबकि जिला स्तर पर 36 गोल्ड, 32 सिल्वर और 48 ब्रांज मेडल जीतकर टीएसएच की प्रशिक्षण गुणवत्ता को सिद्ध किया है।
🔹 आधुनिक सुविधाओं से निखर रही प्रतिभाएं
टीएसएच में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति, फिटनेस मॉनिटरिंग और अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। नगर निगम की यह पहल ईडब्लूएस बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर देने के साथ-साथ भविष्य के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की मजबूत नींव रख रही है।
🔹 चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
योजना का प्रचार-प्रसार नगर निगम के अंतर्गत सभी सरकारी विद्यालयों में किया जाता है। जनप्रतिनिधियों, सभासदों, प्रधानाचार्यों और चिकित्सकों से संस्तुति के बाद आवेदन पत्र स्वीकार किए जाते हैं। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा स्क्रूटनी के बाद पात्र बच्चों को ट्रायल के लिए आमंत्रित किया जाता है।